राष्ट्र ने देशभक्ति की भावना और उत्साह से 75वां स्वाधीनता दिवस मनाया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में लाल किले की प्राचीर पर ध्वजारोहण किया। इससे पहले, प्रधानमंत्री ने सलामी गारद का निरीक्षण किया। पहली बार प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय ध्वज फहराते ही वायुसेना के हैलीकॉप्टरों से पुष्प वर्षा की गई। लाल किले पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राजघाट गए और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की।
लालकिले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों और भारत तथा लोकतंत्र से प्रेम करने वाले विश्व के लोगों को बधाई दी। उन्होंने देश के लिए प्राणों की आहुति देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश सभी स्वाधीनता सेनानियों का ऋणी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के विभाजन की पीड़ा कभी भुलाई नहीं जा सकती और सरकार ने 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस घोषित किया है। बंटवारे का दर्द आज भी हिन्दुस्तान के सीने को छलनी करता है। ये पिछली शताब्दी की सबसे बड़ी त्रासदी में से एक है। आजादी के बाद इन लोगों को बहुत ही जल्द भुला दिया गया है। कल ही भारत ने एक भावुक निर्णय लिया है। अब से हर वर्ष 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में याद किया जायेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना काल ने न केवल देश के बल्कि संपूर्ण मानवता के सामने बहुत बड़ी चुनौती खड़ी की और देश ने धैर्य से इस महामारी का मुकाबला किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कोविड महामारी से लड़ाई में निर्भीक सेवा करने वाले सभी लोगों को नमन किया।
प्रधानमंत्री ने कहा, यह हमारे लिए गौरव का क्षण है कि हमारे वैज्ञानिकों ने भारत में दो वैक्सीन विकसित की और दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकारण अभियान चलाया। उन्होंने कहा कि कोविड टीकाकरण के बाद डिजिटल प्रमाणपत्र देने की प्रणाली ने संपूर्ण विश्व का ध्यान खींचा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि महामारी के समय में भी गरीबों की हर संभव मदद की गई है। महामारी के समय भारत जिस तरह अस्सी करोड देशवासियों को महीनों तक लगातार मुफ्त अनाज देकर के उनके गरीब के घर के चूल्हे को जलते रखा है। यह भी दुनिया के लिए अचरज भी है और चर्चा का विषय भी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश इस वर्ष 12 मार्च से 15 अगस्त, 2023 तक आजादी का अमृत महोत्सव मनाएगा। आजादी के अमृत महोत्सव के इस पावन पर्व पर देश अपने सभी स्वतंत्रता सेनानियों को, राष्ट्र रक्षा में अपने-आप को दिन-रात खपाने वाले, आहूत करने वाले वीर-वीरांगनाओं को आज देश नमन कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें केवल अमृत महोत्सव तक ही सीमित नहीं रहना है।
75 वर्ष के अवसर को हमें एक समारोह भर ही सीमित नहीं करना है। हमने नये संकल्पों को आधार बनाना है। नये संकल्पों को लेकर के चल पड़ना है। यहां से शुरू होकर अगले 25 वर्ष की यात्रा जब हम आजादी के शताब्दी मनायेंगे। नये भारत के सृजन का यह अमृत काल है। इस अमृत काल में हमारे संकल्पों की सिद्धि हमें आजादी के सौ वर्ष तक ले जायेगी। गौरवपूर्ण रूप से ले जायेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें विश्वस्तरीय उत्पाद तैयार करने, अत्याधुनिक नवाचार और नए युग की प्रौद्योगिकी का उपयोग करने के लिए मिलकर काम करना होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान शुरू करने जा रहा है। सौ लाख करोड़ रुपये की गतिशक्ति पहल से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएं जाएंगे जिससे समग्र ढांचागत विकास में मदद मिलेगी।
विदेशों में भी भारत का 75वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया। भारतीय समुदाय ने इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
